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ट्विटर पर ट्रेंड कर रहीं सिंधू, देशवासियों को गोल्ड मेडल की उम्मीद

Reported by nationalvoice , Edited by karuna-thakur , Last Updated: Aug 19 2016 3:52PM
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नई दिल्ली: रियो ओलंपिक में बैडमिंटन के महिला सिंगल्स के फाइनल में पहुंचकर पीवी सिंधू आज शाम साढ़े सात बजे स्वर्ण पदक की दौड़ में उतरने वाली हैं। पूरे देश में सिंधू के लिए पूजा-पाठ किए जा रहे हैं। सोशल साइट्स पर भी सिंधू छाई हुई हैं। सेमी फाइनल में पहुंचने के साथ ही ट्विटर और फेसबुक पर सिंधू के नाम से कई हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। #PVSindhu #SindhuForGold ट्रेंड कर रहा है। देश की जानीमानी हस्तियों ने ट्विटर पर सिंधू को शुभकामनाएं दी हैं। 
 

 

फाइनल में सिंधू का सामना स्पेन की विश्व नंबर एक महिला खिलाड़ी कैरोलिना मारिन से होगा। इससे पहले क्वॉर्टरफाइनल मुकाबले में सिंधू ने चीन की विश्व की नंबर दो खिलाड़ी वांग यिहान को परास्त कर सेमीफाइनल में पहुंची थीं। अब उनके और गोल्ड मेडल के बीच में कैरोलिना मारिन हैं, जिसको परास्त कर वह देश के लिए व्यक्तिगत स्पर्धा में दूसरा गोल्ड हासिल कर सकती हैं। उनसे पहले सिर्फ अभिनव बिंद्रा ने ही ओलिंपिक इतिहास में भारत के लिए व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता है।

बता दें कि बैडमिंटन की खिलाड़ी कैरोलिना दो बार विश्व चैंपियन रह चुकी हैं। यही नहीं, 2015 के मध्य से ही वह महिला बैडमिंटन में शीर्ष पर काबिज हैं। ऐसे में सिंधू के लिए मारिन को परास्त करना आसान नहीं होगा, लेकिन चीन की वांग यिहान को परास्त कर चुकी सिंधू जिस फॉर्म में हैं, उसमें कुछ भी कठिन नहीं है।
 
पहली बार ओलिंपिक खेल रहीं पीवी सिंधू ने बहुत जल्दी अपनी ताकत का अहसास करावाया है। विश्व की दूसरे नंबर की प्लेयर को परास्त कर सेमीफाइनल में पहुंचने वाली 5 फुट 10 इंच की पीवी सिंधू को गेम के दौरान अपनी लंबाई का खासा फायदा मिलता रहा है। फिलहाल वह महिला बैडमिंटन की रैकिंग में 10वें नंबर पर हैं, लेकिन गेम के दौरान रैंकिंग नहीं सेट पर प्रदर्शन मायने रखता है। वॉलीबॉल से जुड़े परिवार में जन्मीं 21 वर्षीय सिंधु ने 8 साल की उम्र से ही बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया था।
 
वहीं नडाल गर्ल कही जाने वाली 23 वर्षीय कैरोलिना मारिन दो बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी हैं। कैरोलिना की ताकत यह है कि वह लंबी रैलियों में पस्त नहीं होती हैं। इसकी वजह यह भी है कि उन्होंने स्पेन में ट्रेनिंग के दौरान पुरुषों के साथ ही ज्यादा बैडमिंटन खेला है। इसके चलते वह पावरगेम में भरोसा रखती हैं। हालांकि 2012 ओलिंपिक में उन्हें चीन की ली शुरेई से सेमीफाइनल में हारकर बाहर होना पड़ा था।
 

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